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मोदी मंत्र

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विपक्षी पार्टी भले ही मोदी पर राजनीतिक दोषारोपण कर रहे हो, और प्रवचन की संज्ञा दे रहे हो, लेकिन मोदी प्रधानमंत्री के रूप में जनता से सीधे-सीधे सम्पर्क करना जो शुरू किया है वह आने वाले दिनों में इस देश के लिए कई मायनों में लाभप्रद सिद्ध होगा। यह जनसंपर्क जहाँ मोदी पार्टी के लिए राजनीतिक फायदा पहुँचायेगी वही मोदी की लोकप्रियता में चार चाँद भी लगायेगी । कहीं-न-कहीं मोदी को भी ये लगने लगा था कि देश की जनता अपनी जरूरतों को पूरा करने की आपा-धापी में देश और देशहित को भूल से रहे है। सरकार के प्रति भरोसा खो चुकी है । देश और सरकार के प्रति नीरस हो रही जनता को जगाने का एक ही माध्यम बचता है दर्शन, अध्यात्म और देश के प्रति कर्मपरायाणता का सन्देश। इस सन्देश को मोदी, जनता के सामने चाशनी बनाकर इस तरह परोसने की तैयारी में है जिसमें जनता को देश के साथ-साथ अपना भी फायदा नजर आये। इस चाशनी को क्रांति का नाम देकर उसमें शामिल करने के लिए सबसे पहले खुद को शामिल करना मोदी का फार्मूला जबर्दस्त रहा। जनता की नब्ज पकड़ने वाले मोदी ने जो क्रांति की शुरूआत की है वह विपक्षी पार्टी को छोड़कर सभी को पसन्द आ रही है , लोग जोर-शोर से उसमे शामिल भी हो रहे है, यहाँ तक कि कुछ अन्य पार्टियाँ भी इसमें शामिल होती दिखाई दी। भले ही वो पार्टी मोदी की वजाय देश हित का नाम दे रहे हो।
कहीं न कहीं ये सच भी है कि देश के प्रति जनता सोती हुई दिखाई पड़ रही है। अगर ऐसा न होता तो देश में इतने भ्रष्टाचार, चाहे वो रिश्वतखोरी हो या कुछ और। सभी में जनता पूरी तरह शामिल होती है। जनता सिर्फ अपने लिए सोचने लगी है।
ये भी सच है कि देश, दर्शन या प्रवचन से नही चलता, लेकिन इससे भी मुकरा नही जा सकता कि देश सिर्फ सरकार नही चला सकती, इसमें जनता का सहयोग भी पूरी तरह से आवश्यक है। चूँकि जनता को सरकार पर से भरोसा उठ रहा था। तो मोदी सबसे पहले जनता का भरोसा, विश्वास वापस लाना चाह रहे थे, चुँकि यह भरोसा सीधे-सीधे काम से नही हो सकता था, कुछ भरोसे वाली बात भी होनी चाहिए। कुछ मोदी के सोच की तरह कुछ अलग होना चाहिए, और उनकी यह कोशिश भी कुछ अलग थी। मोदी जी ने जनता से, देश की युवा पीढ़ियों से चाहे वो रेडियो के माध्यम से हो या टेलीविजन के माध्यम से वह लोगो से ऐसे बात की है जैसे कि वह अपने परिवार से बात कर रहे हो, युवाओं से ऐसे बात की है जैसे कोई बाप अपने बेटे को समझाता है, यह बहुत ही बुनियादी बात है जो उन युवाओ को पता होना चाहिए, लेकिन आज अपने माँ-बाप को फुर्सत नही है नौकरी और अपने काम से तो ये काम अब मोदी जी कर रहे है युवाओ को ये बताते है कि कैसे जीवन हम आगे बढ़ते है और देश आगे बढ़ता है, क्या अच्छा है जो देशहित मे है, यह बहुत ही आवश्यक है भले ही इसका परिणाम तुरंत न दिखे पर यह देश और देश की जनता पर बहुत प्रभाव डालेगा और उम्मीद करते है कि परिणाम भी सुखद होगा।



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yamunapathak के द्वारा
October 8, 2014

भगवान बाबू जी आपके ब्लॉग से पूर्णतः सहमत हूँ ..भूले आत्मविस्मृत जनता को जागरण से भर कर मोदी कुछ भी गलत नहीं कर रहे ..सूर्या की रोशनी चाहते तो सब हैं पर बर्दास्त बहुत काम ही कर पाते हैं पर सूर्या को क्या उसे चमकना है. साभार


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